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थारो जनम बरबाद मत कीजो
थारो जनम बरबाद मत कीजो रे, कु संग मे कु संगत मे कु मति आवे,कु मति तुमको कु कर्म करावे निरख निर्माण मत कीजो रेजैसा ही तु

थारो जनम सफल कर लीजो रे
थारो जनम सफल कर लीजो रे, सतसंग मेसत संगत मे सतगुरू आवे,धर्म कर्म की बात बतावेहिरदे धारण कर लीजो रे सतसंग मेसुगरा री तु स

समराथल वाले करियो विग्न सब दूर
समराथल वाले करियो विग्न सब दूर पींपासर मे आप विराजे,समराथल थारो आसन साजे ढोल नगाङा नोपत बाजे मुख पर बरसत नूरविष्णु जी के

ब्रह्मानंद गिरी जी की आरती
जय ब्रह्मानन्द गिरी जी, स्वामी जय ब्रह्मानन्द गिरी जी ,निज भक्तन के तुमने, पूर्ण कारज करे ,जय ब्रह्मानन्द गिरी जी, स्वाम

मन तो तेरा ही भजन करे
मन तो तेरा ही भजन करे हीरे गुरुदेव सांवरिया मेरेगुरुदेव सांवरिया मेरे घनश्याम सांवरिया मेरे,एक बाग मैंने ऐसा देखा नहीं फ

नारायण जाप
श्रीमन नारायण नारायण नारायणलख चौरासी घूम के तूने ये मानव तन पाया,रहा भटकता माया में तूने कभी न हरी गुण गाया,भज ले नारायण

श्री मन नारायण
श्री मन नारायण, भज मन नारायण ll*हरि, नारायण नारायण नारायण ll*लक्ष्मी, नारायण नारायण नारायण ll श्री मन नारायण, भज मन नारा

हरि तुम बहुत अनुग्रह कीन्हों
हरि तुम बहुत अनुग्रह कीन्होंसाधन धाम बिबुध दुर्लभ तनु मोहि कृपा कर दीन्हों कोटिहुँ मुख कह जात न प्रभु के एक-एक उपकार तदप

बंगला खूब बना गुलजार
बंगला खूब बना गुलजार इस में नारायण बोले इस में नारायण बोले इस में नारायाण डोले बंगला खूब बना गुलजार इस में नारायण बोले

ऐसा है मेरे श्री हरि का नाम
ऐसा है मेरे श्री हरि का नाम ,कैसे उनका करूँ गुणगान, बाकी कोई न करुणानिधान .ऐसा है मेरे.....निष्छल भक्ति तेरी हरदम होती ह

जिनके हाथों मे सुदर्शन चक्र रहे
जिनके हाथों में सुदर्शन चक्र रहे, जिनके अधरों पे मुस्कान बिखरी रहे वो हैं मन भावन श्री मन नारायण,नारायण भक्तों के कष्ट

बाजरे दा ढोडा
बाजरे दा ढोडा धने हथा ते पका लेया बाजरे दा ढोडा धने हरी दा दर्शन भगतो पथरा च पा लिया बाजरे दा ढोडा इक दिन बेह के प्रेम प

खा लै ठाकरा वे
गन्दला दा साग रोटी मक्की दी बनाई आ,खा लै ठाकरा वे ऐनी देर क्यों लगाई आ मखनी दा पेडा लस्सी छने विच पाई आ खा लै ठाकरा वे ऐ

भजन करो भक्तों हरि विष्णु का
एक हाथ में चक्क्र सुदर्शन, दूजे में गदा विराजे,करे शेष नाग की सवारी, श्री सागर आसन लागे ll,, *पूजन करो भक्तों,,, ll, हरि

हरी नाम की माला जप ले
हरी नाम की माला जप ले ll,\"पल की खबर नही,,ओ, xll\"अन्तरघट मन को मथ ले,\"पल की खबर नही,,ओ, xll\" हरी नाम की माला,,,,,,,,,

भज ले हरी को
धुन- परदेसियों से न अख्खियाँ भजले हरी को, एक दिन तो है जाना ll,जीवन को यदि, सफल बनाना, भज ले हरी को,,,,,,,,,,,,,,,किस का

मेरा छोटा सा संसार
मेरा छोटा सा संसार, हरि आ जाओ एक बार ll*हरि आ जाओ, प्रभु आ जाओ l*मेरी नईया, पार लगा जाओ l*मेरी बिगड़ी, आ के बना जाओ lभक्

कर न फकीरी फिर क्या दिलगिरी
करना फकीरी फिर क्या दिलगिरीसदा मगन में रेहना जीकोई दिन हाथी ने कोई दिन घोड़ाकोई दिन पैदल चलना जीकरना फकीरी फिर क्या दिलग

जगदीश ज्ञानदाता सुख मूल
जगदीश ज्ञानदाता सुख-मूल, शोक-हारी,भगवान तुम सदा हो निष्पक्ष न्यायकारी,सब काल सर्वज्ञाता सविता पिता विधाता,सबमें रमे हुए

नाम हरि का जपले बन्दे फिर पीछे पछतायेगा
नाम हरी का जप ले बन्दे फिर पीछे पछतायेगा तू कहता है मेरी काया काया का घुमान क्या,चाँद सा सुन्दर यह तन तेरे मिटटी में मिल

आएगा जब रे बुलाबा हरि का
आएगा जब रे बुलावा हरी काछोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगानाम हरी का साथ जायेगाऔर तू कुछ ना ले पायेगाआएगा जब रे बुलावा हरी काछोड

हर रूप में रंग में ढंग में तू
हर रूप रंग में ढंग में तूँनहरों नदियों में तरंग में तूँ,है परम् पिता जगदीश हरेप्रभु प्रेम उमंग में तूँ ही तूँ,तूँ बनकर स

रोटी खा ले ठाकरा
हथ जोड़ के बेह गया हूँ मैं बस एह अरदासा करदा रोटी खा लै ठाकुरा वे मियन मिनता तेरिया करदा सजर सुई गाऊ लवेरी,तेरे बदले दे

श्री हरि को बसाना है
श्रद्धा से हमने श्री हरि यश को गाना हैहरि नाम की महिमा को जग ने माना हैप्रभु नाम की ज्योति से जग उजियारा हैसूरज चंदा तार

रचाई श्रृष्टि को जिस प्रभु ने वही ये श्रृष्टि चला रहे है
रचाई श्रृष्टि को जिस प्रभु ने वही ये श्रृष्टि चला रहे है ज पेड़ हमने लगाया पेहले उसी का फल हम अब पा रहे है रचाई श्रृष्टि

इक ठौर चाहिये
थक गया हूँ चलते चलतेइक ठौर चाहिये। तेरे चरणों के सिवायठिकाना ना और चाहिये। भटक रहा है मन डगर है बहुत अँधेरीराह दिखाये ऐस

जय जय श्री बदरीनाथ आरती
जय जय श्री बदरीनाथ, जयति योग ध्यानी।निर्गुण सगुण स्वरूप, मेघवर्ण अति अनूप,सेवत चरण सुरभूप, ज्ञानी विज्ञानी। जय जय...झलकत

नर में है नारायण
काशी घुम ले मथुरा घुम ले,घुम ले चाहे वन वन...-2नर में है नारायण बंदे नर में है नारायण ओ नर में है नारायण बंदे नर में है

तेरा संकट सारा हर लेंगे
तेरा संकट सारा हर लेंगे,तू नाम हरि का जपले,तेरा संकट सारा हर लेंगे,तू नाम हरि का जपले,तू नाम हरि का जपले,तू नाम प्रभु का

हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान
हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान करें कल्याण,जगत के तुम हो पालनहार करूँ मैं तुमको बारंबार,हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान क
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