Hanuman Chalisa
Tune into Devotional Melodies
Contemporary Devotional Music: A Harmony of Praise and Devotion


मैया रानी छोटा सा मेरा सौदा पटवा दे
मैया रानी छोटा सा मेरा,सौदा पटवा दे,तेरे मंदिर के बगल में,मेरी कुटिया बनवा दे……तिनके तिनके पे मैया,बस तेरा नाम लिखा हो,त

माँ तुझसे जुदा होके मर जायेंगे
माँ तुझसे जुदा होके,मर जायेंगे रो रो के,माँ तुझसे जुदा होके,मर जायेंगे रो रो के……तुम कहती हो मैया,तुम्हे टीका प्यारा है,

महिमा तेरी है अपरंपार
शेरावाली जय हो,ज्योतावली जय हो,मेहरावाली जय हो,पहाड़ावाली जय हो,रात जगी हैं ज्योत जली हैं,मैया के दरबार में,किस्मत वाला

दुर्गा नाम है तेरा
दुर्गा नाम है तेरा,काली नाम है तेरा,लाज सबकी बचाना मैया,काम है तेरा,दुर्गा नाम है तेरा,काली नाम है तेरा,लाज सबकी बचाना म

तेरे दर पे आना मैया मेरा काम है
तेरे दर पे आना ओ मैया,मेरा काम है,मेरी बिगड़ी बनाना,ओ मैया तेरा काम है,तेरे दर पे आना…….मेरे मन को तो मंदिर बना लिया,मंद

शेरावाली मैया बांटे खुशियों की सौगात
ओ शेरोंवाली मैया तो,बांटे खुशियों की सौगात,ओ बांटे खुशियों की सौगात,मैया दिन और रात,ओ वैष्णो रानी मैया तो,बांटे खुशियों

मां तुमने लाड लड़ाया
( दिया बहुत मेरी माँ ने मुझको,उतनी मेरी औकात कहाँ?ये तो मेहर है मेरी मईया की,वरना मुझ में ऐसी बात कहाँ? )माँ तुमने लाड ल

मैया मैंने दो दो कुल अपनाए
ओ मैया मैंने दो दो कुल अपनाए,तन मन धन सब कर दिया अर्पण वह मेरे ना हो पाए,ओ मैया मैंने दो दो कुल अपनाए....एक कुल में मैंन

दर्शन दिय माँ दुर्गा भवानी
नै मांगब सोना माँ, नै मांगब चांदी,दर्शन दिह माँ दुर्गा भवानी॥एलौ शरणमे माँ बैनक भिखारी,अहा चरणके माँ हम छी पुजारी,कि कि

बाला सुन्दरी ने रखा सर पे हाथ
मां बाला सुन्दरी ने रखा सर पे हाथ,देखो मैं मालामाल हो गया,जग की दाती ने रखा सर पे हाथ,देखो मैं मालामाल हो गया.....त्रिलो

माँ बाला सुन्दरी कद आवेगी
कद सी आवेगी माँ बाला सुन्दरी कद सी आवेगी,मैया री तेरे भक्त देख रे बाट बता दे कद सी आवेगी.....माँ ज्योत जगा दी भेट चढ़ा द

मां बाला सुन्दरी दया करो
दया करो मां दया करो, बाला सुन्दरी दया करो,नाव पड़ी मझधार है मेरी अब तो भव से पार करो....विपदा ने मुझे घेर लिया है सब ने

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे =======================ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे llllये मंत्र है, मां चामुण्

आए हैं आए हैं दरबार भगत मां आए हैं
आए हैं दरबार===========आए हैं, आए हैं दरबार, भगत मां आए हैं llलाए हैं, लाए हैं श्रद्धा के, हार माँ लाए हैं llआए हैं, आए

मैया जी साथ हैं
( पाऊं दर्शन मैया आपके तोभक्ति में मैं संलिप्त हो जाऊंमिले दो बूंद दया अमृत की तो कृपा से आपकी मैं तृप्त हो जाऊं। )फिक्र

लगाया त्रिलोकपुर दरबार मेरी मां बाला सुन्दरी ने
लगाया त्रिलोकपुर दरबार मेरी मां बाला सुन्दरी ने,मेरी मां बाला सुन्दरी ने मेरी मां बाला सुन्दरी ने,लगाया त्रिलोकपुर दरबार

शुकर तेरा माँ किवें करां
शुकर तेरा माँ किवें करां,मैनु समझ ना आउंदी ए,मैं मंगदा हां इक तेरे तो,तू लख लुटाउँदी ए,मेरी माँ लख लुटाउँदी ए,मेरी माँ ल

कर कृपा तेरे दर आऊँगा
कर किरपा तेरे दर आऊँगा,मैं भी तेरा दर्शन पाउँगा,कर किरपा तेरे दर आऊँगा…..एक नजर किरपा की कर दो,झोली माँ खुशियों से भर दो

महाकाली मंत्र
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कप

मेरी बिगड़ी बनाई माँ शेरावाली ने
मेरी बिगड़ी बनाई बात माँ शेरावाली ने,मेरा खूब निभाया साथ माँ शेरावाली ने,काली ने महाकाली ने….भटक रही थी मैं तो कब से,आया

गूंजे शोर जैकारे का
दो नैना मैं बसग्या मेरै चसका इन दरबारा का,मेरी मैया मेरी मैया मेरी मैया सामने आजा सै जब,गूंजे शोर जैकारे का……..दिन मैं म

मांगता ना सोना चांदी
मांगता ना सोना चांदी बांगला मैं कार जी,मेहनत का मांगै सै फल मैया जमीदार जी……..खेता के महा बीतै मैया जीवन जमीदार का,होजा

मैया जी तेरा नाम बड़ा अनमोल
मैया जी तेरा नाम बड़ा अनमोल,जिसने भी तेरा नाम जापा है हुआ ना डामाडोल…….नाम रटा तारा रानी ने,मेहतर घर गई जगराते में,कथा ब

सपने में आई अम्बे माँ
मेरे सपने में आईं अम्बे मात गजब करामात हो गई,मेरे ज्ञान के खुले कपाट गजब करामात हो गई,गजब करामात हो गई, गजब करामात हो गई

दूर भवन मत जाओ मेरी मैया
दूर भवन मत जाओ मेरी मैया आज तुम्हारा पूजा का दिन है………सपने मेने बृह्मा को देखा, वैद पढ़ा रहे मेरे अंगना,संग में सरस्वती

ले हर एक सांस नाम तेरा
ले हर एक सांस,मेरी नाम तेरा,दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,तेरे ही दम से हो,काम मेरा,दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,ले हर एक सांस,मे

आप पधारो कुलदेवी मोटी मावड़ी जी
आप पधारो कुलदेवी मोटी मावड़ी जी,बालकिया बुलावे थाने गिरवर राय.....कंचन कलश थाली करश्या, आंगन आरती जी,मुख देख्या सुख अति

शिव की जटा से निकली गंगा
शिव की जटा से निकली गंगा,उसमें नहावे दुर्गे मात मैया का जवाब नहीं.....माथे का टीका मैया आप समारो,आप समारो मैया खुद ही सम

भवानी ए ये जोड़या दोनू हाथ
भवानी ए ये जोड़या दोनू हाथ, बाजना डेरू दियो घड़वाय,डेरू रै बिना जागन लगता नाई, सेवक रै सुन मेरे मानडा री बात,खाती न बेगा

माँ मेरी बिगड़ी बना दो
पावन ये द्वारा है,सबसे निराला है,तेरे चरणों में झुकता,संसार सारा है,मैं भी आया हूँ दरबार,माँ मेरी बिगड़ी बना दो,खाली ना