Hanuman Chalisa
Tune into Devotional Melodies
Contemporary Devotional Music: A Harmony of Praise and Devotion


दादी बताओ क्या यही लिखा है मेरी तकदीर में
दादी बताओ क्या यही लिखा है मेरी तकदीर में,मुझे दिखाई दोगे क्या केवल अपनी तस्वीर में,तस्वीर से बाहर आओ न अपनी इक झकल दिखा

आज दादी जी से केहदो अपने दिल की बात
आज दादी जी से केहदो अपने दिल की बात,किस्मत वालो को मिलती है ये कीर्तन की रात,आज दादी जी से केहदो अपने दिल की बात प्रेम क

तेरे चरणों को छू लू माँ ज्वा का फूल बन के
दादी तेरे चरणों से लिप्त जाऊ धूल बन के,तेरे चरणों को छू लू माँ ज्वा का फूल बन के,किस्मत से इन फूलो को माँ सेवा तेरी मिली

दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है,जिस का मेरी दादी पर अटल विश्वाश है,दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है,सच्ची श्रद्

दादी थारी ज्योत सवाई ए
माई थारी ज्योत सवाई एदादी थारी ज्योत सवाई ए,कोई बैठी मंदिर माहि करो,भगता की सुनाई ए ,माई थारी ज्योत सवाई एदूर दूर से यात

माँ देख तेरा शृंगार करे दिल नाचन का
माँ देख तेरा शृंगार करे दिल नाचन का,नाचन का दिल नाचन का,चाहे देखु जितनी वार करे दिल नाचन का,माँ देख तेरा शृंगार करे दिल

झुंझनू में रानी सती माँ का सच्चा दरबार है
झुंझनू में रानी सती माँ का सच्चा दरबार है,दादी का परिवार है ये दादी का परिवार है,झुंझनू में रानी सती माँ का सच्चा दरबार

संकट हरनी मंगल करनी करियो बेडा पार भरोसो भारी है
संकट हरनी मंगल करनी करियो बेडा पार भरोसो भारी है,भारी है माँ भारी है था पे भरोसा भारी है,जय जगदम्बे झुँझन वाली दुर्गा की

आवो मेरी माँ रानी सती माँ
विनती करे है मैया सुन ले पुकार माँ,इक वारि आके मियां जाना न तू माँ,आवो मेरी माँ रानी सती माँ,ममता की गोद प्यारी लागे तेर

दादी के मंगल में मिल कर हम प्रण ये करे
दादी के मंगल में मिल कर हम प्रण ये करे,हर घर घर नारायणी गूंजे बस नाम तेरे,दादी के मंगल में मिल कर हम प्रण ये करे,इनका गु

बिरमित्रापुर का मंदिर इक सपना सा लगता है
बिरमित्रापुर का मंदिर इक सपना सा लगता है,मंदिर का कोना कोना अपना सा लगता है,बिरमित्रापुर का मंदिर इक सपना सा लगता है,मंद

हर जन्म में दादी तेरा साथ चाहिए
हर जन्म में दादी तेरा साथ चाहिए,सर पे मेरे मात तेरा हाथ चाहिए ।सिलसिला ये टूटना नहीं चाहिए,मुझको तो बस इतनी सी सौगात चाह

मंदिर चाँद पे हम बनवाते
हम नील गगन पे दादी तेरा डंका बजाते,भगतो का चलता जोर तो मंदिर चाँद पे हम बनवाते,हम नील गगन पे दादी तेरा डंका बजाते,भक्त त

शान से कहते हम तो दादी वाले है
शान से कहते हम तो दादी वाले है,ये जीवन तो दादी तेरे हवाले है,हम तो तेरे अंचल में माँ पलते है,हर घडी माँ अब तू ही हमे संभ

ये मालकिन है मेरे घर की
मुझे फ़िक्र नहीं इस के रहते ये मालकिन है मेरे घर की,ये मालकिन है मेरे घर की ये मालकिन है मेरे घर की ,मुझे फ़िक्र नहीं इस

एक बार म्हारे कानी हस के तू देख मावड़ी
एक बार म्हारे कानी हस के तू देख मावड़ी,कद सु थाने निरख रही है थारी टाबरी,मैया थारो रूप माहरे नैना में समायो,देख देख मैया

जब जब भी दादी तेरे नैनो से नैन मिलाई
जब जब भी दादी तेरे नैनो से नैन मिलाई आँखे ये मेरी भर आई,याद करू मैं मेरा बीता ज़मानाकोई नहीं था बाबा मेरा ठिकाना,दर दर क

दादी को उत्सव आयो भगता दरबार लगायो
दादी को उत्सव आयो भगता दरबार लगायो,तेरो मंगल गान है गायो तेरी जय जय कार लगायो,थाने तो आनो पड़सी है वादों तो निभानो पड़सी

बिन बोले मेरी मैया सब जान जाती है
बिन बोले मेरी मैया सब जान जाती है,मेरा संकट हरने को मैया दौड़ी आती है,बिन बोले मेरी मैया सब जान जाती हैये दूर नहीं हमसे

फूलो से राज रानी का झूला सजा दियां
फूलो से राज रानी का झूला सजा दियां,आ जा ना मेरी दादी माँ उत्सव जो आ गया,फूलो से राज रानी का झूला सजा दियां,नथनी पाएनाउंग

गले से लगा लो मुझे मावड़ी
दादी बताओ यही लिखा है क्या मेरी तकदीर में,मुझे दिखाई दोगे क्या केवल अपनी तस्वीर में,तस्वीर से बहार आओ ना अपनी इक झलक दिख

पलका बिछाया खड़्या हां मावड़ी
पलका बिछाया खड़्या हां मावड़ी,दर्शन दे देयो थी माने इक बार मावड़ी,पलका बिछाया खड़्या हां मावड़ीझुंझुनू में थारो धाम बनो

माहरे सिर पे है मैया जी को हाथ
माहरे सिर पे है मैया जी को हाथ कोई तो मारो ताहि कर सी,जे कोई माहरी मैया जी ने सांचे मन से ध्यावे,काल कपाल भी मैया जी के

जो कुछ भी होगा
बड़े प्रेम से माँ को रिजाता जो होगा,जो कुछ भी होगा अच्छा ही होगा,बड़े प्रेम से माँ को रिजाता जो होगा,कांटे मिले तो शिकाय

भादी अमावस आयी
भादी अमावस आयी, भगतां मिल ज्योत जगायी,बेगा पधारो म्हारे आंगणे...ओ दादी... बेगा पधारो म्हारे आंगणे...थारी चौकी सजवायी, ला

जय हो शक्तिदादी री
धारा धरती विराजनो माँ , दीदी शक्ति लियो अवतार,जय हो शक्तिदादी री ....जोशी कुल ने तरियो मां , थारी महिमा अपरम्पार जय हो श

माँ झुँझन वाली बड़ी भोली भाली अपने भगतो की करती रखवाली
डंका जग की महारानी का भजता मोटी सेठानी का,झुँझन जैसा धाम नहीं है सब की जुबा पे नाम यही,माँ झुँझन वाली बड़ी भोली भाली अपन

झुँझन वाली ने मैं आज पहनावा गजरो
झुँझन वाली ने मैं आज पहनावा गजरो,पहरावा गजरो जी पहरावा गजरो,झुँझन वाली ने...चुन चुन कलियाँ भागा से मैं फुलवा तोड़ के लाय

ओ मावड़ी थारी रूप की शोभा न्यारी
ओ मावड़ी थारी रूप की शोभा न्यारी,थारे नैनो की ज्योत निराली महारी मावड़ी,ओ मावड़ी थारी सती की महिमा भारी,सतियो में महासती

जिनका मेरी मैया से लगाव हो गया
जिनका मेरी मैया से लगाव हो गया दूर ज़िन्दगी का हर अभाव हो गया नदी वो मिली है सागर में जा ज़रूर जिसका ठीक राह पे बहाव हो