Hanuman Chalisa
Tune into Devotional Melodies
Contemporary Devotional Music: A Harmony of Praise and Devotion


आई बहार हँसते-हँसते
आई बहार हँसते-हँसते,आया साँवला सरकार,हँसते-हँसते।परम अनूप आया,त्रिभुवन का भूप आया.....-2रघुवर सरताज हँसते हंसते,आया साँव

सारे पा लो जी राम नाम दा गहणा
सारे पा लो जी राम नाम दा गहणां,राम नाम दा गहणां पाके,सदा सुहागण रहणां, सारे पा लो जी राम,एह गहणां मीरा ने पाया श्याम दी

जयकारा श्री राम का
नाचों झूमों और लगाओ जयकारा, श्री राम का,शुरू हो गया काम देखो, भव मंदिर निर्माण का,शुरू हो गया काम देखों, भव मंदिर निर्मा

भगवा रंग में रंग लिया
भगवा रंग में रंग लिया चोला हम श्री राम पुजारी है,हम भगवा धारी है सुनोजी हम भगवा धारी है…………श्री राम के हम मस्ताने है और

राम कहने का मजा
राम कहने का मजा, जिसकी जुबान पर आ गया,मुक्त जीवन हो गया, चारो पदार्थ पा गया ॥लुटा मज़ा प्रह्लाद ने, इस राम के प्रताप से,

राम बिना तेरी कैसी होगी मुक्ति
राम बिना तेरी कैसी होगी मुक्ति,भजन बिना तेरी कैसी होगी भक्ति....जब बंदे तूने जन्म लिया था.....-2पढ़े क्यूँ ना वेद, लिखी

जल भरन जानकी आई
जल भरन जानकी आई हो,मोरी केवल माँ।।काहे की गगरी काहे की कुंजरी,काहे की लेर लगाई हो,मोरी केवल माँ,जल भरन जानकी आई हो,मोरी

राम दिन रात जापा रे
राम दिन रात जापा रे, मुझे फिर भी ना मिले भगवान...-2अयोध्या में जन्म लिया श्रीराम... -2अयोध्या की दाई मैं बनी, मुझे फिर भ

राम का दीवाना बनना
राम का दीवाना बनना,सब के बस की बात नही है,कृष्णा नाम का रस पी लेना,सब के बस की बात नही है.....भक्त प्रहलाद की भक्ति देखो

तेरा राम जी करेंगे बेड़ा पार
(राम नाम सोही जानिए,जो रमता सकल जहान,घट-घट में जो रम रहा,उसको राम पहचान)तेरा राम जी करेंगे बेड़ा पार,उदासी मन काहे को कर

हे दुखभंजन तुझे प्रणाम
जय रघुनन्दन जय सियाराम,हे दुखभंजन तुझे प्रणाम।।भ्रात भ्रात को हे परमेश्वर,स्नेह तुन्ही सिखलाते,नर नारी के प्रेम की ज्योत

सुनो रघुनाथ
सुनो रघुनाथ तुमको पार, अब कैसे कराऊ मैं....चढ़ा के नाव मे तुम्हे, नाव क्यूँ अपनी गवाऊँ मैं,हजारो हैं यहाँ केवट, हजारो न

थाम लो पतवार प्रभूजी
थाम लो पतवार प्रभूजी थाम लो पतवार,अब थाम लो पतवार, प्रभूजी थाम लो पतवार,सागर गहरा नाव पुरानी, जाना है भव पार,थाम लो पतवा

राम नाम लाडूडो गोपाल
राम नाम लाडूडो गोपाल नाम घी,ए भई राम नाम लाडूडो,गोपाल नाम खीर,कृष्ण नाम रा खीर खांड तू,घोल घोल ने पी,राम नाम लाडूड़ो गोप

राम नाम का गुणगान करो
राम नाम ही सत्य है केवल,राम का गुणगान करो,भूल के इस झूठे जग को इक,पल तो राम का ध्यान धरो,राम नाम हीं सत्य हैं केवल,राम क

मेरा हृदय तुम
मेरा हृदय तुम हो श्वास तुम ही,रहती सदा हो मेरे पास तुम ही,अर्धांग मेरे आराध्य तुम हो,सिंदूर तुम भी सौभाग्य तुम हो,क्षण भ

सिया धीरे चलो ससुराल गलियाँ
सिया धीरे चलो ससुराल गलियाँससुराल गलियाँ सुकुमार गलियाँ....-2सिया धीरे चलो…..तेरी सास भी आवे तोपे वारी-वारी जावे,तेरे सस

एक बार जो रघुबर की
एक बार जो रघुबर की,नजरो का इशारा हो जाये...-2तेरी लगन में खो जाऊँ मैं,दुनिया से किनारा हो जाये।।एक बार जो रघुबर की.....श

महलों में रहने वाली
अरी ओ महलों में रहने वाली, आज तेरे कहाँ की तैयारी हैआज तेरी कहा की तैयारी है, आज तेरे कहा की तैयारी हैअरी ओ महलों में रह

शबरी रो रो तुम्हे पुकारे
शबरी तुम्हरी बाट निहारे,वो तो रामा रामा पुकारे,कब आओगे मेरे राम,दर्श दिखाओ मेरे राम,शबरी रो रो तुम्हे पुकारे,वो तो तुम्ह

लेकर खड़ी जयमाला
लेकर खड़ी जयमाला राम को साजन मैं बनाने को,तरसे मेरा मनवा उनकी दुल्हनिया बन जाने कोबात थी ये जनकपुर की, कैसी आई शुभ घड़ी

रघुवर-रघुवर मेरी लाज रखना
जैसे ग़ज़ कि रखी थी वैसे आज रखना।रघुवर-रघुवर मेरी लाज रखना।रघुवर-रघुवर मेरी लाज रखना,अपनी भक्ति का मुझको मोहताज़ रखना।रघ

हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना राम
हमारा नहीं कोई रे तेरे बिना रामहमारा नहीं कोई रे तेरे बिना रामहमारा नहीं कोई रे तेरे बिना रामहमारा नहीं कोई रे,हमारा नही

जिस भजन में राम का नाम
जिस भजन में राम का नाम ना हो,उस भजन को गाना ना चाहिए ॥जिस माँ ने हम को जनम दिया,दिल उसका दुखाना ना चाहिए -2जिस पिता ने ह

जिसको जीवन में मिला सत्संग है
जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।....-2जिसका हरी से जुड़ा संबंध हैं,उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद

कहा प्रभु से बिगड़ता क्या
कहा प्रभु से बिगड़ता क्या,मेरी बिगड़ी बनाने में...-2मजा क्या आ रहा तुमको,मुझे दर दर घूमाने मेंकहा प्रभु से बिगड़ता क्या.

जिस दिल में आपकी याद रहे
जिस दिल में आपकी याद रहेप्रभु दिल मेरा वह दिल करदो...-2राही न सही मंजिल की तरफराही की तरफ मंजिल करदो....मन में भी अनेक व

गंगा के खड़े किनारे
गंगा के खड़े किनारेभगवान् मांग रहे नैयाभगवान् मांग रहे नैयाश्री राम मांग रहे नैयातुम कोन देश से आये,और कोन देश है जानातु

पकड़ लो बाँह रघुराई
पकड़ लो बाँह रघुराई,नहीं तो डूब जाएँगे...-2डगर ये अगम अनजानी,पथिक मै मूड अज्ञानी ।संभालोगे नही राघव,तो कांटे चुभ जाएँगे.

केवट कथा
प्रभु चरणन की महिमा न्यारी,इन चरणन पे जाऊ बलिहारी।धन्य में केवट भाग्य सराहू ,जो जग के प्रतिपालक है,आज सुअवसर मोहे मिला ह