Hanuman Chalisa
Tune into Devotional Melodies
Contemporary Devotional Music: A Harmony of Praise and Devotion


कलयुग में रामराज्य
क्या क्या राम ने किया नही, इस जमाने के लिए,इतने दिन खामोश रहे आजमाने के लिए॥क्या क्या राम ने किया नही।आखिर सत्य की जीत ह

कर लेना तुम भजन राम का
कर लेना तुम भजन राम का, भव से पार उतर जाओगे,मोह माया के इस चक्कर से, पल में बाहर निकल जाओगे॥इन आंखों की आदत बुरी है, ताक

राम करे सो होय
राम करे सो होय,राम झरोखे बैठ के सब का मुजरा लेत,जैसी जाकी चाकरी वैसा वाको देत,राम करे सो होय रे मनवा राम करे सो होय।कोमल

अयोध्या सज रही सारी
खुशी सबको मिली भारी,अवध में राम आये है,अवध में राम आये है,प्रभु श्री राम आये है,सिया के राम आये है,अयोध्या सज रही सारी,अ

घर आएं हैं लक्ष्मण राम
घर आएं हैं लक्ष्मण राम,अयोध्या नगरी फूल रही॥बागा फूल बग़ीचा फूल्या,फूल रही बनराइ,पूरी अयोध्या ऐसी फूली,फूली कौशल्या हरी

राजा दशरथ के महलो में जन्म लियो
राजा दशरथ के महलो में,जन्म लियो श्री राम जी।।माता कौशल्या के जाये,बालक सूंदर रूप सुहाए,भूमि भार हरण को आये,मिलकर सखिया ग

तेरे पूजन को भगवान
तेरे पूजन को भगवान,बना मन मन्दिर आलीशान,करूँ कैसे पूजन भगवान,नहीं मुझ को पूजा का ज्ञान॥किसने जानी तेरी माया,किसने भेद तु

आया है शुभ दिन दीपावली का
आया है शुभ दिन,आया है शुभ दिन दीपावली का,जगमग हुआ हर कोना,आज ज़मी का।।राम अयोध्या में लौट आये,अवध वासी सब मंगल गायें,फिर

देखो राजा बने महाराज
देखो राजा बने महाराज,आज राम राजा बने,देखों राजा बने महाराज,आज राम राजा बने।।मंगल साज सजे घर घर में,पूजा पात्र लिए सब कर

शुरू हो रही है राम कहानी
शुरू हो रही है राम कहानी,शुरू हो रही हैं राम कहानी,महिमा पुरानी वेद बखानी,तुलसी की वाणी,शुरू हो रही हैं राम कहानी।।जग कर

पत्ते पत्ते डाली डाली मेरा राम वसदा
पत्ते पत्ते डाली डाली,मेरा राम वसदा,सारी सृष्टि दा है वाली,मेरा राम सबदा।।किसने जानी राम जी माया,किसने भेद राम दा है पाय

राम बने है दूल्हा सीता जी दुल्हनिया
राम बने है दूल्हा,सीता जी दुल्हनिया,आज होगा रे लगन,सीता जी का राम संग,बड़ी शुभ है घड़ी, शुभ है घड़ी,सब हर्षाये,सभी देते

बसाले मन मंदिर में राम
बसाले मन मंदिर में राम,बनेंगे बिगड़े तेरे काम,बसालें मन मंदिर में राम,बसालें मन मंदिर में राम।।कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी,क्

मुझे राम के बिना नहीं जीना
बजरंग राम जी को,संदेश यही कहना,मुझे राम के बिना नहीं जीना,मुझे राम के बिना नही जीना।।अपनी करनी की करनी से,पर घर में आकर

जपा कर बैठ कर बन्दे
जपा कर बैठ कर बन्दे,राम का नाम प्यारा है,राम का नाम प्यारा है,प्रभु का नाम प्यारा है,जपाकर बैठ कर बन्दे,राम का नाम प्यार

बधैया बाजे आँगने में
आँगने में बधैया बाजे,आँगने में बधैया बाजे।।चंद्रमुखी मृगनयनी अवध की,तोड़त ताने रागने में,बधैया बाजे आँगने मे।।प्रेम भरी

सुनो सिया मेरी बात
सुनो सिया मेरी बात, राम फुल बगिया में आए हैं,बगिया में आए फुल बगिया में आए,सुनो सिया मेरी बात, राम फुल बगिया में आए हैं॥

श्री रामायण प्रारम्भ स्तुति
जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन।करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन।।1।।मूक होइ बाचाल पंगु चढइ गिरिबर गहन।जासु

पुण्य भूमि ये चित्रकूट की
पुण्य भूमि ये चित्रकूट की,जहाँ बसे श्रीराम,बरस बिता के ग्यारह,इसको बना गए धाम,तुलसी करते रामचरित में,राम नाम का गान,कामद

ईंट ईंट पे जय श्री राम का नाम लिखाएंगे
( हिंदुस्तान में पैदा हो के,जो श्री राम का नहीं,मेरी नजर में वो इंसान,किसी काम का नहीं। )ईंट ईंट पे जय श्री राम,का नाम ल

सिया ठाडी जनक दरबार
सिया ठाडी जनक दरबार,सूरज को लौटा धार रही॥सीता मांगन होय सोई मांग,तपस्या पूर्ण आज हुई॥सिया ठाडी जनक दरबार,सूरज को लौटा धा

मेरे राम दया के सागर है
मेरे राम दया के सागर है,मेरी बिगड़ी बनाओ तो जाने।।त्रेता में आये तो क्या आये,कलयुग में आओ तो जाने,मेरे राम दया के सागर ह

प्रभु श्री राम की गौरव गाथा
प्रभु श्री राम की गौरव गाथा,बाला जी है गाये,जय श्री राम, जय जय सिया राम,दिल चीर के है दिखलाये,राम अमृत रसपान है करके,फूल

अब क्या होगा मेरा राम
अब क्या होगा मेरा राम बीच बुढ़ापे में,बीच बुढ़ापे में, बीच बुढ़ापे में,अब क्या होगा मेरा राम बीच बुढ़ापे में......-4 संग

राम का लेते नाम चलो
राम का लेते नाम चलो,चित्रकूट के धाम चलो।। राम घाट पे थे सिया राम,और लखन के साथ किया था स्नान,सब जाने है ये माने है,भव स

मैं तो जबसे शरण तेरी आया
राम मैं तो जब से शरण तेरी आया,आनंद आनंद आनंद मैंने पाया,मेरे राम मेरे राम, साँचा है तेरा नाम॥अन्धकार में भटक रहा था,सूझे

कब आएंगे राम
( माँ कौशल्या तुझको पुकारे,चले आओ अब राम हमारे,कब तक खुद से झूठ कहूं मैं,अब ना राम से दूर रहूं मैं। )कब आएंगे कब आएंगे,ज

राम राम वो रटते जाए
तर्ज – मांगने की आदतराम राम वो रटते जाए,राम की माला जपते जाए,चरणों में शीश नवाते चले,राम जी के काज वो बनाते चले,राम राम

भगवन आस लगाए कब से
भगवन आस लगाए कब से,देखो बाट निहारे है,फसी है बीच भवर नईया,भगवन तुमको पुकारे है।।दर दर ठोकर मैंने खाई,दर दर जाकर ज्योत जल

राम अवध में पधारे
बरसों का हुआ इंतजार खत्म,आयी ख़ुशी की बहारे,आज प्रभु राम अवध में पधारे।।आओ सखी चलो मंगल गाओ,हर आँगन में दीप जलाओ,ढोल, नग