Hanuman Chalisa
Tune into Devotional Melodies
Contemporary Devotional Music: A Harmony of Praise and Devotion


इंतज़ाम कर दिया है तुमने रोज़ी रोटी का
इंतज़ाम कर दिया है तुमने रोज़ी रोटी काविश्वकर्मा जी से नक्शा पास करा दे कोठी काबाबा सुनलो ऐसी मेरी कोठी होदूर से ही कोठी

श्री विश्वकर्मा जी चालीसा
श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊँ, चरणकमल धरिध्य़ान ।श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान ।।जय श्री विश्वकर्म भगवाना । ज

कुशल कारीगर ही इनकी पहचान है
कुशल कारीगर ही इनकी पहचान बरम सवरूप ये विश्कारमा भगवान् है गूंज रहा नो खंड में इनका जय कारा इनके किरपा से सुंदर बना जहान

तमाम उम्र तेरा इंतजार हमने किया
तेरी बातें ही सुनाने आयेदोस्त भी दिल ही दुखाने आयेफूल खिलते हैं तो हम सोचते हैंतेरे आने के ज़माने आयेक्या कहीं फिर कोई ब

बाबा जी खोलीवाला मनमोहन भोला भाला
बाबा जी खोलीवाला मनमोहन भोला भाला मैं तो हुई रै कुर्बान देखि है जबसे शान पर्वत के ऊपर डोले बालक का रूप धरके धीरे धीरे मु

हे विष्णु के अवतार बाबा गंगाराम
हे विष्णु के अवतार बाबा गंगाराम गंगाराम प्रभु गंगा राम पतित पावन तेरो नाम श्रृष्टि के पालनहार बाबा गंगारामसत्ये सवरूप है

दीन बंधू दीनानाथ मोरी सुध लीजिये
दीन बंधू दीनानाथ मोरी सुध लीजियेदीनो के दयालु दाता मोपे दया कीजियेभाई नहीं बन्धु नाही कुटुंब कबीलों नाहीऐसो कोई मित्र ना

मैं पागल हो गयी रे खोलीवाले के प्यार में
मैं पागल हो गयी रे खोलीवाले के प्यार में मैं पागल, मैं पागल, मैं पागल हो गयी हाय हाय खोलीवाले बाबाजी की आयी दौज निराली प

जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी
जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी,देख तमाशा लकड़ी का,क्या जीवन क्या मरण कबीरा,खेल रचाया लकड़ी का,जिसमे तेरा जनम हुआ,वो पलंग बन

सोने वाले जाग जा
किस धुन में बेठा वन्वारे तू किस नव में मस्ताना है वो सोने वाले जाग जा संसार मुसाफिर खाना है क्या लेकर के आया था जग में फ

बाबोसा के मंदिर में भक्त जो भी आता है
बाबोसा के मंदिर में ,भक्त जो भी आता है बाबोसा से रिश्ता वो , पल में जोड़ जाता हैधाम ये चुरू का जग में निराला जाये जो भक्

प्यारी सूरत रात रात नै जागूँ रे बाबा नींदडली नहीं आवै
रात रात नै जागूँ मैं तो नींदडली नही आवै रेसपणे माही रामधणी थारी प्यारी सूरत आवै रेएक रात नै रामदेव जी सपणे माही आवै रेमे

बाबोसा चूरू वाले की आरती
देवा, बाबोसा चूरू वाले,भक्तो के है रखवाले,रिम झिम उतारे तेरी आरती,बाबोसा, रिम झिम उतारे तेरी आरतीसिर पे मुकुट, कान में क

रामासा थारा दर्शन की मन मे लागी
रामासा थारा दर्शन की मन मे लागी रेकलयुग रा हो अवतारी,रूणिचा आप विराजैभक्ता री पैदल टोल्या आगी रे़बाबा ने मनावण आयी,फूला

बातों को कर लो बंद
बातों को कर लो बंद, कथा ग्यारस की सुन लो जी,बिना पुत्र का बाप, खेतों में रोवेजीमेरे हका हुआ है खेत, पुत्र बिना कौन जोतेज

मेरा देश फूल सा मेहके
फिर दाल दाल पर सोने की चिड़िया ओ बाबा चहके मेरा देश फूल सा मेहके मेरा देश फूल सा मेहके हे अजर अमर अविनाशी बाबा लीले चढ़क

उठो उर्मिला
उठो उर्मिला सूर्ये वंश का लखन तेरे अविनंदन में है अनुज धर्म की दवजा त्याग कर शीश निभाये वंदन में है उठो उर्मिला अंग पाश

आओ माहरे अंगनिये
म्हारा गोरा काला भेरो मैं तो थारी माला फेरु आओ माहरे अंगनिये,नित करू पूजा पाठ मैं तो जाऊ थारी बात बाबा आओ माहरे अंगनिये,

कामदगिरि की करो परिक्रमा दर्शन हो श्री राम का
कामदगिरि की करो परिक्रमा,ध्यान लगा भगवान का,सुफल मनोरथ हो जाएं सब ,दर्शन हो श्री राम का ,कामदगिरि की.......रामघाट में पह

बेटा श्रवण पाणीड़ो पिलाय
बेटा शरवण पाणीड़ो पिलाय ,वन में बेटा प्यास लगी,आला लीला बांस कटाया ,कावड़ ली रे बनाय,मात पिता ने माय बिठाया ,तीर्थ करवा

राखी भाई बहिन का त्यौहार है ये त्यौहार है
राखी भाई बहिन का त्यौहार है ये त्यौहार है,प्यार से गेरहा होता ये प्यार है होता ये प्यार है राखी भाई बाँध के राखी कृष्ण क

ये रिश्ते प्यार के कही छुट न जाए
राखी है त्यौहार ख़ुशी का दिल से इसे मनाये भाई बहिन के प्यार का गुलशन खुशियों से महकाए,ये रिश्ते प्यार के कही छुट न जाए,य

कल्ला ई कल्ला जावेगा
कल्ला ई कल्ला जावेगा बाई कल्ला ई कल्लारोवेगा पछतावेगा तू कल्ला ई कल्लाकल्ला ई कल्ला...तेरे औने रिश्तेदारा दुःख वेले तेथो

कोई परिवार ने टूटे
तर्ज- स्वर्ग से सुंदरस्वर्ग से सुंदर सपनो से प्यारा , है अपना परिवारज्यूँ सोने पे सुहागा , वैसे भाई बहन का प्यारकोई परिव

भगवान बचा लो आ कर के
भगवान बचा लो आ कर के अब और सहारा कोई नही अब तेरे सिवा इस दुनिया में प्रभु और हमारा कोई नही जीवन की नैया दुभ रही प्रभु पा

ओ भैया प्यारे रोये राखी का धागा
ओ भैया प्यारे रोये राखी का धागा ओ भैया कहा है तू आजा ,ये बेहना याद करे आजा ओ भैया प्यारे रोयेकैसे वेकीरो ने रीत बनाई बेट

बेहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है
बेहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है प्यार की दो तार से संसार बाँधा है रेशम की डोरी से संसार बाँधा है बेहना ने भाई की

ओ गंगू पापीया
क्यों गंगू तू माडीया चाला घड़ियाँ वे,क्यों लवाईया लाला नु हथ घड़ियाँ वे,ओये गंगू पापियाँ वे हतियारेया,दो दिन कटन आये ते

ना ये तेरा ना ये मेरा
ना ये तेरा ना ये मेरा मंदिर है भगवान का पानी उसका भूमि उसकी सब कुछ उसी महान का,ना ये तेरा ना ये मेरा मंदिर है भगवान का ह

नाम जपन क्यों छोड़ दिया
नाम जपन क्यों छोड़ दियांक्रोध न छोड़ा झूठ न छोड़ा सत्ये वचन क्यों छोड़ दियां,झूठे जग में दिल ललचा कर,असल वतन क्यों छोड द